रविवार , 23  जून  2024

ये तस्वीरें सन् 1961 में छपे ‘सरस्वती’ के हीरक जयंती अंक में शामिल हैं. इनके बारे में कहा गया है – चित्रों के चयन में यह ध्यान रखा गया है कि राजा रवि वर्मा से लेकर खास्तगीर तक के प्रमुख भारतीय कलाकारों के चित्र (जो सरस्वती में प्रकाशित हो चुके हैं) इस अंक में दिये जायें, जिससे पिछले साठ वर्षों के भारतीय चित्रकला के विकास का मूर्त आभास पाठकों को मिल सके. इनके अतिरिक्त पहाड़ी, राजस्थानी और मुगल शैलियों के भी कुछ चित्र दिये गये हैं जिनसे प्राचीन भारतीय चित्र-कला का पुनर्परिचय भी हमारे पाठकों को मिल सके.

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