गुरूवार , 22  फरवरी  2024

संगम की बात करने ही कुंभ की भव्यता या शाही स्नान का ख़्याल आ जाता है. हालांकि पर्व-मेले से इतर भी संगम नहाने वाले और उनके लिए सहूलियतें जुटाने वालों की हलचल से गुलज़ार रहता है. फूल-माला-कंठी-कैन और सिंदूर बेचने वालों के ठीहे इस पूरे इलाके में रंग भर देते हैं. फ़ोटोः प्रभात

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