अमर्त्य सेन की बेटी ने अफ़वाह का खंडन किया

  • 10:21 pm
  • 10 October 2023

नोबल पुरस्कार विजेता प्रो.क्लाउडिया गोल्डिन के असत्यापित एक्स (पुराना नाम ट्वीटर) हैंडिल से अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के निधन की अफ़वाह ने मंगलवार को देर तक खलबली मचाए रखी. कई लोगों ने इस पोस्ट को साझा भी किया. कुछ न्यूज़ एजेंसी के एक्स हैंडिल पर पोस्ट कर देने के बाद लोगों ने इस अफ़वाह पर यक़ीन भी कर लिया. हालांकि न्यूज़ एजेसिंयों ने स्पष्ट करते हुए पुराना ट्वीट बाद में हटा लिया.

एक्स पर नंदना सेन की पोस्ट.

प्रो.सेन की बेटी अभिनेत्री नंदना सेन ने एक्स पर इस अफ़वाह का खंडन करते हुए एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि बाबा हमेशा की तरह सक्रिय और व्यस्त हैं. हार्वर्ड में हर हफ़्ते वह दो कोर्स पढ़ा रहे हैं, अपनी नई किताब पर काम कर रहे हैं. वह पूरी तरह स्वस्थ हैं.

तेरह साल पुराने मामले में अरूंधति रॉय के ख़िलाफ़ मुक़दमे की मंज़ूरी
लेखक अरुंधति रॉय और कश्मीर के केंद्रीय विश्वविद्यालय के निवर्तमान प्रोफ़ेसर शेख़ शौकत हुसैन के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की इज़ाजत दिल्ली के उपराज्यपाल ने दे दी है. द हिंदू ने राजभवन के हवाले से लिखा है कि 2010 में कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित एक मामले में यह मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दी गई है. नई दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में एफ़आईआर दर्ज़ हुई थी. एक कश्मीरी सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पंडित ने 28 अक्टूबर, 2010 को थाने में शिकायत की थी कि उसी साल 21 अक्टूबर को ‘कमेटी फ़ॉर रिलीज़ ऑफ़ पॉलिटिकल प्रिज़नर्स’ की ओर से आयोजित ‘आज़ादी’ नाम के सम्मेलन में वक्ताओं ने ‘भड़काऊ भाषण’ दिए थे. साथ ही सम्मेलन में ऐसे मुद्दों पर चर्चा की गई थी, जिनका मक़सद ‘कश्मीर को भारत से अलग करना’ था. इस मामले के दो और आरोपी – कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक सैयद अब्दुल रहमान गिलानी इस मामले की सुनवाई के दौरान गुज़र चुके हैं. एलजी दफ़्तर के अफ़सरों के मुताबिक, उपराज्यपाल ने कहा है कि रॉय और हुसैन के ख़िलाफ़ प्रथमदृष्टया आईपीसी धारा 153ए, 153बी और 505 के तहत अपराध का मामला बनता है.

विलायती कीकर के समूल नाश का एनएसजी का संकल्प
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने अरावली की पहाड़ियों में अपने परिसर से विलायती कीकर (प्रोसोपिस जूलीफ़्लोरा) के समूल नाश का इरादा किया है. मेक्सिको में पाई जाने वाली बबूल की यह प्रजाति अंग्रेज़ी हुक्मरान 1920 में दिल्ली लेकर आए थे. एनएसजी के फ़ैसले की मूल वजह परिसर में इस विलायती बबूल की बहुतायत में मौजूदगी से भू-जल का गिरता हुआ स्तर है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़ास रिपोर्ट में बताया गया है कि 1986 में, एनएसजी को जब अपना परिसर बनाने के लिए दिल्ली-अजमेर राजमार्ग के पास मानेसर में 1,600 एकड़ ज़मीन दी गई थी, तब वहां 98 सक्रिय बोरवेल थे, इनमें से 63 बोरवेल अब सूख चुके हैं. इस इलाक़े में तेजी से घटते भू-जल की तमाम वजहों में विलायती कीकर भी एक है.
एनएसजी ने अरावली की पहाड़ियों को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए कीकर की ख़ात्मे की परियोजना पर अमल के साथ ही स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपने का काम भी शुरू कर दिया है. विलायती कीकर को हटाना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि उसके आसपास दूसरे पौधे उग नहीं पाते.

अयोध्या में दिसंबर तक शुरू हो जाएगा हवाई अड्डा
अयोध्या में बन रहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिसंबर तक उड़ानें शुरू हो जाएंगी. अब तक इसका 85 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है. अगले साल जनवरी में रामलला के मंदिर का उद्घाटन होना है. उसके पहले हवाई अड्डे को शुरू करने की कोशिश है. अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया कि एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल टॉवर तैयार हो चुका है. पहले चरण में 2200 मीटर लंबे और 45 मीटर चौड़े रनवे का काम भी पूरा हो चुका है. इसे 3750 मीटर तक बढ़ाया जा सकेगा. यहां से सबसे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद के लिए उड़ानें शुरू होंगी. 320 करोड़ की लागत से 821 एकड़ में बन रहे इस एयरपोर्ट में 24 विमान पार्क करने की सुविधा होगी. 2025 तक इसके अगले चरण का काम पूरा हो जाने के बाद यहां बोइंग विमानों की आवाजाही भी संभव हो सकेगी.

बधंकों की रिहाई के लिए हमास और इस्राइल वार्ता में जुटा क़तर

क़तर के मध्यस्थ हमास के आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाई गई इस्राइली महिलाओं और बच्चों को इस्राइल की जेलों में बंद फलस्तीनी महिलाओं-बच्चों के बदले छुड़ाने की बातचीत कर रहे हैं. क़तर के विदेश विभाग ने कहा कि मध्यस्थता कर रहे उसके अधिकारी हमास और इस्राइली अफसरों को इस अदला-बदली के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. क़तर विदेश विभाग के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि रक्तपात रोका जा सके और बंदियों की अदला-बदली हो सके. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने लिखा है कि ‘रॉयटर’ के संवाददाता ने जब इस बारे में इस्राइली अफ़सरों से बात की तो उन्होंने समझौते की बातचीत से साफ़ इनकार कर दिया. इस्राइल पर हमले में 700 से ज्यादा लोगों को मार देने के बाद हमास ने दर्जनों महिलाओं-बच्चों को बंधक बना लिया था और भागते समय उन्हें साथ ले गए थे.

चयन-संपादन | शरद मौर्य/ सुमित चौधरी

कवर फ़ोटो | विकीमीडिया सीसी


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