नागपुर की फ़ैक्ट्री में धमाका, 9 लोगों की मौत

  • 8:32 pm
  • 17 December 2023

नागपुर में एक फ़ैक्ट्री में हुए धमाके में नौ लोगों की जान चली गई. यह धमाका आज सुबह करीब 9:30 बजे बजरगांव इलाके में स्थित सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड में हुआ. इस घटना में अन्य तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. कोयला खदान में ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की पैकिंग करते वक्त यह हादसा हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, जब यह धमाका हुआ तो सोलर कंपनी की यूनिट के अंदर कुल 12 कर्मचारी मौजूद थे. ‘प्रभात खबर’ के अनुसार, सोलर इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ महाप्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि घटना उस इमारत में हुई जहां कोयला खदानों में प्रयोग होने वाले बूस्टर का उत्पादन किया जाता है.

अंधेरी गलियों में औरतों का वॉक नहीं, यह श्रद्धांजलि थी
नई दिल्ली का साकेत इलाका. यहां के बस स्टॉप पर 16 दिसंबर की रात 10.30 बजे 20 औरतों का ग्रुप जुटा. वे यहां से मुनरिका तक अंधेरी गलियों में पैदल चलती गईं. कोई शोर, कोई नारा नहीं. फिर भी यह एक ज़बरदस्त आवाज़ थी. यह श्रद्धांजलि निर्भया (बदला हुआ नाम) के लिए थी. 23 साल की फ़ीजियोथेरेपी कोर्स की यह ट्रेनी 2012 में 16 दिसंबर की रात चलती बस में छह लोगों की बर्बरता का शिकार हुई थी. दरिंदगी के घावों ने 29 दिसंबर को उसकी जान ले ली थी. इंस्टाग्राम पेज चलाने वाली मलिका तनेजा ने ‘द हिंदू’ को बताया कि वह हर साल इसी रात को यह पैदल मार्च आयोजित करती हैं. इसमें फ़रीदाबाद तक से महिलाएं आई थीं. उन्होंने कहा जब निर्भया दरिंदों का शिकार हुई तो सरकार और समाज एक तबके की ओर से भी कहा गया कि वह लड़की रात के अंधेरे में निकली ही क्यों. यह मार्च उसी का जवाब है. एक अन्य सदस्य ने कहा कि यह मार्च सार्वजनिक जगहों पर औरतों के हक का दावा भी है और निर्भया को श्रद्धांजलि भी.

केरल में मिला कोरोना वायरस का नया व तेजी से फैलने वाला वैरिएंट
कोरोना वायरस का नया सब वैरिएंट भारत में दस्तक दे चुका है. जेएन.1 नाम का यह वैरिएंट अन्य के मुकाबले तेज़ी से फैलने वाला भी है. केरल के तिरुवनंतपुरम में 79 साल की महिला मरीज की जांच में इसका पता चलने के बाद वहां अलर्ट जारी कर दिया गया है. 18 नवंबर को को कराई गई आरटीपीसीआर जांच में यह बुज़ुर्ग पॉजिटिव पाई गई थीं. जीनोम सिक्वेंसिंग में नए वाइरस का पता चला. महिला को इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण थे. महिला पहले कोविड-19 का शिकार भी हुई थीं. ‘द ट्रिब्यून’ ने इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक राजीव भल के हवाले से लिखा है कि दोहरे सर्विलांस के तहत इस सब-वैरिएंट का पता चला है. इंफ्लूएंजा या सांस की गंभीर बीमारियों की दशा में मरीजों की कोरोना जांच कराई जा रही है. पॉजिटिव आने पर जीनोम सिक्वेंसिंग भी कराई जाती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पिछले कुछ हफ्तों में केरल में कोरोना के केस बढ़ने पर चिंता जताई है.


मीडिया को हर साल 75 मिलियन डॉलर देगा गूगल

कनाडा की सरकार के साथ लंबी चली बातचीत के बाद गूगल वहां की मीडिया को सालाना 75 मिलियन डॉलर देने पर राज़ी हो गया है. यह राशि वह विज्ञापनों के नुक़सान की भरपाई के तौर पर देगा. इसमें से सबसे बड़ा 63 प्रतिशत हिस्सा प्रिंट मीडिया को मिलेगा. 30 प्रतिशत टेलीविजन और रेडियो को तथा सात प्रतिशत सरकारी ब्रॉडकॉस्टिंग कंपनी को दिया जाएगा. यह घोषणा कनाडा सरकार की ओर से एक प्रेस कान्फ्रेंस में की गई. संस्कृति मंत्री पास्कल स्टआंग ने कहा कि पत्रकार हमारे लोकतंत्र का आधार हैं, लेकिन उन पर संकट है. ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने लिखा है कि गूगल और कनाडा सरकार के बीच यह समझौता ऑनलाइन न्यूज़ एक्ट के तहत हुआ है. इसका मकसद कैनेडियन न्यूज सेक्टर की मदद करना है. विज्ञापन न मिलने से एक दशक में सैकड़ों अखबार बंद हो चुके हैं. समझौता 19 दिसंबर से प्रभाव में आ जाएगा. गूगल के विपरीत ‘मेटा’ ने पैसे देने की जगह फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनाडा के मीडिया की ख़बरें न देने का फैसला किया है.

‘खुशी के लिए डांस’ बना ईरान में विरोध का नया तरीक़ा
ईरान में इन दिनों शुरू हुए एक नए तरह के अभियान ‘खुशी के लिए डांस’ वहां के धार्मिक नेताओं के लिए सिरदर्द बन गया है. दिलचस्प यह है कि इसकी शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई. यह वीडियो 70 साल के सादेह बन मोतेजादेद उर्फ बूगी के डांस का है, जो पिछले माह रसत शहर से वायरल हुआ. बूगी ने, जिसका अर्थ स्थानीय भाषा में लाउडस्पीकर है, अचानक रसत के छोटे से बाज़ार में लोकगीत गाना और इस पर नाचना शुरू कर दिया. बाजार में उनका अपना भी स्टॉल है. लोगों ने कोरस करते हुए तालियां बजाकर उनका साथ भी दिया. बूगी का कहना था कि उन्होंने लोगों की खुशी के लिए डांस किया. वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही उनके स्टेप्स पर जगह-जगह डांस होने लगे. ईरान में महिलाओं के सार्वजनिक रूप से नाचने पर प्रतिबंध है फिर भी महिलाएं, युवा, बूढ़े बच्चे सभी शामिल होने लगे. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने लिखा है कि सरकार भी हरकत में आई और ग्रुप में नाच रहे 12 लोगों को बूगी समेत पकड़ा गया. इस सबके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करा दिए गए हैं. इस पर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है और समाचार पत्र इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं.

चयन-संपादन | शरद मौर्य/ सुमित चौधरी


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