485 में से सिर्फ़ 46 शहर में साफ़ पानी

देश के 485 शहरों में से 46 शहर के लोग ही साफ़ पानी पी रहे हैं. ‘एबीपी’ के मुताबिक, केंद्रीय शहरी और आवास मंत्रालय के सेक्रेटरी मनोज जोशी ने बृहस्पतिवार को बताया कि 25,000 सैंपल चेक करने के बाद यह मालूम हुआ कि सिर्फ 10 फ़ीसदी शहरों के सैंपल ही 100 फ़ीसद शुद्धता के पैमाने पर पास हुए हैं. सैंपल और 5.2 लाख लोगों से बात करने के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है. शहरों की रैंकिंग की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी. प्रेस कांफ्रेंस में मनोज जोशी ने बताया कि सितंबर, 2022 में अटल मिशन फ़ॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफ़ॉर्मेशन 2.0 के तहत यह सर्वे शुरू किया गया था. सर्वे का रिजल्ट और अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों को 5 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से पेय जल सर्वेक्षण अवॉर्ड दिया जाएगा.

बेंगलुरु के रेस्तरां में विस्फोट
बेंगलुरु के ब्रुकफ़ील्ड इलाक़े में शहर के लोकप्रिय रेस्तरां रामेश्वर कैफ़े में आज दोपहर हुए विस्फोट में नौ लोग घायल हो गए हैं. घायलों में से तीन कैफ़े के कर्मचारी हैं. ‘एनडीटीवी’ की ख़बर के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि विस्फोट की वजहों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. विस्फोट के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम भी मौक़े पर गई. इस विस्फोट को लेकर सूत्रों ने कहा कि विस्फोट के बाद आग नहीं लगी और यह रसोई गैस सिलेंडर विस्फोट जैसा नहीं लग रहा है. बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम भी कैफ़े में जाँच कर रही है. कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा, “कैफ़े में एक ब्लास्ट हुआ है, ये ब्लास्ट कैसे हुआ, किसी ने किया या कोई और बात हुई, इसी की जांच पुलिस व एफएसएल की टीम कर रही है. मौके से मिले साक्ष्यों की जांच के बाद इस घटना के बारे में कुछ कहा जा सकेगा.”

घर से दूर रहने वाले 47 फीसदी लोग तनाव में
नौकरी हो या कारोबार, इसकी वजह से अपने माता-पिता से दूर रह रहे लोगों में 47 प्रतिशत उनकी देखभाल न कर पाने की फ़िक्र से तनाव में रहते हैं. उनकी चिंता में तमाम तो भावनात्मक रूप से टूटने लगते हैं. अमेरिका की नेशनल एलाइंस फ़ॉर केयरगिविंग और एएआरपी की रिपोर्ट में ऐसा बताया गया है. ‘दैनिक भास्कर’ ने इस रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि एक घंटे की दूरी पर रहने वाले 28 फीसदी लोग इस हालत से गुज़रते हैं. उन्हें लगता है कि वे चाहकर भी अपनों की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं. यानी, अपने बुजुर्ग मां-बाप से बच्चे जितना दूर रहते हैं, उनके लिए उनकी चिंता उतनी ही ज्यादा बढ़ती जाती है. दूर रहने वाले बच्चे माता-पिता की सहूलियत वाले उपकरण घर में लगवाते हैं. बिजली-पानी का बिल ख़ुद भरते हैं. पड़ोसियों से माता-पिता को देखने का आग्रह करते हैं. बार-बार फ़ोन कर उन्हें दवा लेने की याद दिलाते हैं. इन सबके बावजूद वे इस अपराध बोध में जीते हैं कि वे अपने मां-बाप की देखभाल नहीं कर पा रहे.

भारत में महामारी का रूप ले सकता है मोटापा
भारत में आने वाले समय में मोटापा महामारी का रूप ले सकता है. यह चेतावनी ‘लान्सेट’ द्वारा प्रकाशित वैश्विक विश्लेषण में दी गई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 5 से 19 साल के 125 करोड़ बच्चों, जिनमें 73 करोड़ लड़के और 52 करोड़ लड़किया हैं, का वजन सामान्य से ज्यादा है. यह आंकड़ा वर्ष 2022 का है. गंभीरता इससे समझी जा सकती है कि ओवरवेट बच्चों का आंकड़ा 1990 में मात्र चार करोड़ था. रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों और किशोरों में मोटापा तीन प्रतिशत की दर से बढ़ा. औरतों में भी मोटापा 1990 के बाद से 9.8 प्रतिशत और पुरुषों में 5.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की ख़बर के मुताबिक, रिपोर्ट में दुनिया के 182 देशों में मोटापे के फैलाव को भी रैंक दिए गए हैं. महिलाओं के मामले में भारत 197वें, पुरुषों में 180वें और लड़के-लड़कियों के मामले में 174वें पायदान पर है. मोटापे से डायबिटीज और हार्ट अटैक के ख़तरे बढ़ जाते हैं. डायबिटीज़ और हृदय रोग के सर्वाधिक रोगी भी भारत में ही हैं. ऐसे में मोटापे के बेक़ाबू होने के ख़तरे को समझा जा सकता है. मोटापे का बड़ा कारण पारंपरिक भोजन और शारीरिक श्रम से दूर होना है.

संक्षेप मेः
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 5.49 करोड़ का जुर्माना
वित्तीय खुफिया इकाई ने धन शोधन के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 5.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. वित्त मंत्रालय ने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल इकाइयों ने अपराध की कमाई की हेराफेरी पेटीएम पेमेंट्स बैंक में खोले गये खातों के ज़रिये की है.

आसाराम की याचिका पर विचार से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य के आधार पर दुष्कर्म मामले में सज़ा निलंबित करने का अनुरोध करने संबंधी स्वयंभू बाबा आसाराम की याचिका पर विचार करने से इनकार किया है. कोर्ट ने स्वयंभू बाबा आसाराम को पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के अस्पताल में इलाज कराने के लिए राजस्थान होई कोर्ट का रुख़ करने को कहा है.

ढाका में इमारत में आग से 44 लोगों की मौत
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बेली रोड पर बनी एक सात मंजिला इमारत में आग लग गई और 44 लोगों की मौत हो गई. हादसे में 22 लोग बुरी तरह झुलस गये. घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है.

चयन-संपादन | शरद मौर्य / सुमित चौधरी


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