मैं सामान्यत: पिछले कई सालों में हर राजनैतिक पार्टी के शीर्षस्थ, मध्यम और छुटभइया नेताओं से कई बार मिला हूं. इनमें से कई के साथ कुछ मोर्चों पर काम भी किया है. [….]
सत्तर का दशक रहा होगा. बच्चन के उफ़ान के साथ ही काका का सितारा तक़रीबन डूबने को था. सिनेमाघरों से ज्यादा इसे सड़कों पर महसूस किया जा सकता था. इस दौर की तफ़्सील यह थी [….]
ताले, तालीम और तहज़ीब की याद दिलाने वाले इस शहर को जाने किसकी नज़र लगी कि अब इसे दंगे और उपद्रव से जोड़कर पहचाना जाने लगा है . [….]