ख़ालिद जावेद का नया उपन्यास ‘इक्कीस एक सौ बाईस’ उर्दू फ़िक्शन में एक ऐसे तजुर्बे की हैसियत रखता है, जिसे सिर्फ़ एक कहानी या पारंपरिक उपन्यास के पैमानों से समझना मुमकिन नहीं. यह उपन्यास अपने बयानिया, भाषा, माहौल, मनोवैज्ञानिक गहराई, [….]