भारत भवन बनते समय वहाँ काम करने वाले मजदूरों में शामिल भूरी ही हैं, चालीस बरस बाद जिन्हें पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है – चित्रकार भूरी बाई. भील जनजाति की वह पहली महिला हैं, जिन्हें उनके चित्रों की बदौलत इतनी ख्याति, इतना सम्मान मिला है. [….]
मंटो ने डेढ़ सौ से ज्यादा कहानियां लिखीं, व्यक्ति-चित्र, संस्मरण, फ़िल्मों की स्क्रिप्ट और डायलॉग, रेडियो के लिए ढेरों नाटक और एकांकी, पत्र, कई पत्र-पत्रिकाओं में कॉलम लिखे, पत्रकारिता की. कविता को छोड़ दें, तो उन्होंने साहित्य की सभी विधाओं में लिखा है. उनकी तमाम रचनाओं पर ख़ूब बात हुई मगर उनके ख़तों पर बात कम ही हुई. [….]
लाहौर की उम्र का हर पन्ना इतिहास ने लिखा है. एक तरह से कहें तो इतिहास का दूसरा नाम लाहौर है. इसकी उम्र करीब 1500 साल है. यों पौराणिक कहानियों के हिसाब से यह हजारों साल पुराना है. कहा जाता है कि अयोध्या के राजा राम के पुत्र लव ने इसे बसाया था और दूसरे पुत्र कुश ने आज की भारत-पाक सरहद के पास बसा कसूर नगर बसाया था, मगर यह सब किंवदंतियाँ हैं. [….]
नारायण गणपत राव बोडस यानी नाग बोडस ने कहानियाँ लिखीं, उपन्यास भी लिखा मगर उनकी पहचान नाटककार के तौर पर ही है. अपने नाट्य लेखन से आधुनिक भारतीय रंगमंच को समृद्ध करने वाले नाटककार. ऐसे नाटककार जिनकी मान्यताएं उन्हें दूसरों से अलग करती हैं मगर जो रंगकर्म के लिए बहुत ज़रूरी मालूम देती हैं, चाहे वह रंग-भाषा का मसला हो या फिर नाट्य लेखन का. [….]