अक्सर खेल केवल खेल के मैदान में ही नहीं खेले जाते बल्कि एक समानांतर खेल खिलाड़ियों के सीने में भी चल रहा होता है. कई बार फ़ुटबॉल जितनी पैरों से खेली जाती उतनी ही मनोभावों और उद्वेगों से भी खेली जाती है. ऐसे मैचों में खिलाड़ियों की स्किल के [….]
फीफा विश्व कप के पहले सेमीफ़ाइनल की बात करने से पहले समय को थोड़ा पीछे लिए चलते हैं और स्मृति बन चुके दो मैचों को एक बार फिर याद कर लेते हैं.
एक, बात 5 जून 2025 के यूएफा नेशंस लीग की है. इसका दूसरा सेमीफ़ाइनल फ्रांस [….]
जौनपुर | कवि, लेखक, चित्रकार, अनुवादक अजय कुमार के स्मृति दिवस पर हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम ‘राग जौनपुरी’ में शहर और दोस्तों ने उन्हें बड़ी आत्मीयता से याद किया. इस मौक़े पर उनकी किताब ‘राग जौनपुरी’ पर विशद बातचीत हुई, शाम [….]
फीफा विश्व कप के तीन रोमांचक दिन और बीते. चार संघर्षपूर्ण मुक़ाबले संपन्न हुए. और वो सब इतिहास का हिस्सा बना जो रात-रात भर जाग कर फ़ुटबॉल देखने के लिए चाहिए होता है. शानदार गोल. बेहतरीन बचाव. रणनीतिक चातुर्य. खिलाड़ियों का अद्भुत कौशल. [….]
नई दिल्ली | अरुंधति रॉय की बहुचर्चित किताब ‘मदर मेरी कम्स टू मी’ का हिन्दी संस्करण ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ शीर्षक से राजकमल प्रकाशन से छपकर आ रहा है. इसका हिन्दी अनुवाद प्रभात सिंह ने किया है. किताब का लोकार्पण 18 जुलाई 2026 को पटना [….]