‘मंटो साब दोस्तों की नज़र में’ ऐसी किताब है, जो मंटो को सिर्फ़ एक लेखक नहीं, बल्कि एक जीवित, जटिल और बेहद मानवीय इंसान के रूप में सामने लाती है. यह पुस्तक किसी एक लेखक की दृष्टि नहीं, बल्कि कई लेखकों और साथियों की नज़र से मंटो को समझने की कोशिश है—यही इसकी सबसे बड़ी ताक़त है. इसमें कृश्न चंदर, मुहम्मद तुफ़ैल, शाहिद अहमद देहलवी, इस्मत चुग़ताई, बलवंत [….]
संस्कृति