फीफा डायरी | खेल जारी और रोमांच तारी
फीफा विश्व कप के तीन रोमांचक दिन और बीते. चार संघर्षपूर्ण मुक़ाबले संपन्न हुए. और वो सब इतिहास का हिस्सा बना जो रात-रात भर जाग कर फ़ुटबॉल देखने के लिए चाहिए होता है. शानदार गोल. बेहतरीन बचाव. रणनीतिक चातुर्य. खिलाड़ियों का अद्भुत कौशल. कमाल की टैक्लिंग. और मोहक ड्रिबलिंग. क़रीबी और कड़े मुक़ाबले. और विवादों का चोली दामन का साथ. जीत और हार, ख़ुशी और ग़म, उम्मीद और निराशा के बीच से होते हुए अंततः विश्व कप अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा. मैचों का शतक पूरा हुआ. और बची विश्व की श्रेष्ठ चार टीमें. ताज के लिए अंतिम चार मुक़ाबले. फ़ुटबॉल का खेल. उसका रोमांच. और फ़ुटबॉल की अतरंगी दुनिया.
एक
1992 में फीफा रैंकिंग की शुरुआत के बाद ये पहला अवसर है जबकि श्रेष्ठ चार टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंची हैं. फ्रांस, अर्जेंटीना, स्पेन और इंग्लैंड. अब मुक़ाबला होगा नंबर 1 और 3 के बीच और नंबर 2 और 4 के बीच. देखना ये है कि क्या इस में अब कोई क्रम व्यतिक्रम होता है या नहीं. आख़िर इन चारों टीमों का अंतिम चार में पहुंचना क्या प्रदर्शित करता है. यही कि फीफा रैंकिंग काफी हद तक विश्वसनीय है या फिर ये कि टीमों ने अपनी रैंकिंग और प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन किया है. शायद दोनों ही.
दो
पहले दो क्वार्टर फ़ाइनल मैच दो अलग-अलग दिन खेले गए. दोनों मैच रेगुलर टाइम में समाप्त हुए. फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से और स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराया. बाक़ी दो मैच एक ही दिन में संपन्न हुए और दोनों ही मैचों में निर्णय के लिए अतिरिक्त समय की तो आवश्यकता आन पड़ी,लेकिन पेनाल्टी शूट आउट तक नहीं जाना पड़ा. अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से और इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराया.
तीन
पहला क्वार्टर फ़ाइनल बोस्टन में फ्रांस और मोरक्को के बीच हुआ. उसने 2-0 से आसान जीत हासिल की. अभी तक फ्रांस के सामने कोई भी बड़ी परेशानी सामने नहीं आई है. उसने सभी मैच अपेक्षाकृत आसानी से जीते हैं. ये इस विश्व कप की सबसे शक्तिशाली और शानदार टीम है,इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है. इसीलिए उसे जीत का सबसे प्रबल और बड़ा दावेदार माना जा रहा है. उसके पास शानदार अटैकर है. भरोसेमंद मिडफ़ील्डर हैं. और मजबूत रक्षापंक्ति है.
इस मैच में मोरक्को के सबसे भरोसेमंद फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी चोट लगने के कारण नहीं खेल रहे थे. लेकिन इस मैच का सबसे आश्चर्यजनक पहलू ये था कि मोरक्को ने अपनी फर्स्ट इलेवन में एक भी रेगुलर फॉरवर्ड नहीं खिलाया. उनके रेगुलर फॉरवर्ड 60वें मिनट में पहला गोल खाने के बाद आए. ये गोल एम्बाप्पे ने पेनाल्टी से किया. दूसरा गोल छह मिनट बाद ही उस्मान डैंबेले ने किया.
चार
लॉस एंजिलिस में खेले गए दूसरे मैच में स्पेन ने अंतिम क्षणों में विजयी गोल दागकर बेल्जियम को हरा दिया. स्पेन ने 30वें मिनट में पहला गोल किया. लामिन यामल और पेड्रो पोरो ने दाहिनी ओर से शानदार तालमेल बिठाते हुए डैनी ओल्मो के लिए गोल का मौका बनाया. हालांकि कर्टोइस ने ओल्मो के पहले शॉट को रोक दिया, लेकिन फैबियान रुइज़ ने रिबाउंड पर सटीक शॉट लगाकर गोल कर दिया.
इस मैच से पहले स्पेन ने लगातार पांच मैचों में एक भी गोल नहीं खाया था. यानी गोलकीपर उनाई सिमोन ने विश्व कप में रिकॉर्ड बनाते हुए 650 मिनट तक कोई गोल नहीं खाया. ये सिलसिला मैच के 41वें मिनट में तब टूटा जब बेल्जियम के चार्ल्स डी केटेलेरे ने क्यूबार्सी को पछाड़ते हुए टिमोथी कास्टाग्ने के सटीक क्रॉस पर हेडर से गोल किया.
मैच का निर्णायक क्षण मेरिनो के मैदान में उतरने के दो मिनट बाद आया. 88वें मिनट में, पाउ कुबार्सी ने एक जोरदार लॉन्ग-रेंज शॉट लगाया. बेल्जियम के सब्स्टीट्यूट गोलकीपर सेने लैमेंस रिबाउंड को रोक नहीं पाए, जिससे आर्सेनल के फॉरवर्ड मरिनो ने मैच के अपने दूसरे ही टच में गेंद को गोल में डाल दिया. इससे पहले मेरिनो ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल के खिलाफ भी 91वें मिनट में विजयी गोल किया था.
बेल्जियम के लिए यह बेहद निराशाजनक अंत था. 71वें मिनट में उनके स्टार गोलकीपर थिबाउट कर्टोइस के चोटिल हो जाने के कारण उनकी जगह लैमेंस को मैदान में उतारा गया था.
पांच
मियामी में खेले गए तनावपूर्ण मैच में इंग्लैंड ने अतिरिक्त समय के बाद नॉर्वे को हराकर जीत हासिल की. जूड बेलिंघम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया.
पहला गोल 36वें मिनट में एंड्रियास शेल्डरुप के गोल ने नॉर्वे को बढ़त दिला दी. शेल्डरुप ने एक क्रॉस को गलत तरीके से हिट किया जो जॉर्डन पिकफोर्ड के पोस्ट से टकराकर ऊपरी कोने में जा लगा. लेकिन सामान्य समय के हाफ-टाइम से ठीक पहले बेलिंगहैम ने एंथनी गॉर्डन के शानदार पास पर गोल दागकर इंग्लैंड ने बराबरी कर ली.
90 मिनट के रेगुलर समय के बाद 1-1 से बराबर रहने के बाद, अतिरिक्त आधे घंटे के खेल में तीसरे मिनट में ओरजान नाइलैंड की गलती से मिले रिबाउंड पर बेलिंगहैम ने निर्णायक गोल किया.
ये मैच जितना इंग्लैंड के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने और विश्व कप अभियान जारी रह जाने के लिए याद किया जायेगा उससे कहीं ज्यादा नॉर्वे के दूसरे गोल को रद्द किए जाने और बॉल के तार को छू जाने के विवाद के लिए याद किया जाएगा.
नॉर्वे को टोरब्योर्न हेगेम के गोल से 2-1 की बढ़त मिल सकती थी, लेकिन कॉर्नर किक पर एर्लिंग हालैंड द्वारा इलियट एंडरसन को धक्का देने के कारण इसे रद्द कर दिया गया. वहीं, इस बात पर भी विवाद रहा कि क्या इंग्लैंड के पहले गोल पर पिच के ऊपर लगे तारों का कोई असर पड़ा था. नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबक्केन का मानना था कि नॉर्वे की गोल किक किसी तार से छू गई जिससे गेंद सीधे आसमान से गिरी,लेकिन फीफा के बॉल सेंसर ने कोई संपर्क नहीं दिखाया.
छह
केन्सास में खेले गए आख़िरी क्वार्टर फ़ाइनल मैच में पिछली चैंपियन अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई.
जूलियन अल्वारेज़ और लौतारो मार्टिनेज़ ने अतिरिक्त समय में गोल करके अर्जेंटीना के विजय अभियान को जारी रखा. मैच नियमित समय के अंत में 1-1 से समाप्त हुआ. पहला गोल दसवें मिनट में लियोनेल मेस्सी के क्रॉस पर एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने किया. लेकिन 67 वें मिनट में डैन दोये ने बराबरी का गिल कर दिया.
दोये के गोल के तुरंत बाद ही वीएआर निर्णय के बाद ब्रेल एम्बोलो को फाउल का नाटक करने के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया. ब्रील एम्बोलो को ‘डाइव’ लगाने के लिए पीला कार्ड दिखाया गया .क्योंकि इस मैच का ये उनका दूसर पीला कार्ड थे जो स्वतः ही रेड कार्ड में तब्दील हो गया. विश्व कप की शुरुआत से ठीक पहले संशोधित किए गए ‘गलत पहचान नियम’ के कारण रेफ़री के पास पीला कार्ड दिखाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. टूर्नामेंट के दौरान ऐसा निर्णय पहली बार नहीं लिया गया था. इससे पहले, अमेरिका और पैराग्वे के बीच समूह चरण के एक मैच में, अमेरिकी डिफ़ेंडर टिम रीम को दिया गया पीला कार्ड वीएआर द्वारा मिगुएल अल्मियन की डाइव की समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद अल्मियन को चेतावनी दी गई थी.
तो फ़ुटबॉल जारी है. उसका रोमांच सब पर तारी है. यानी गेम ऑन है और उसका रोमांच फुल ऑन. बस थोड़ी सी नींद में ख़लल डालिए और फ़ुटबॉल के खेल का आनंद लीजिए.
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