अदब की दुनिया में अदब से ‘इस्मत आपा’ कही जाने वाली इस्मत चुग़ताई अपने दौर की इस क़दर बेबाक़ और बग़ावती तेवर वाली लेखिका थीं कि ‘महिला मंटो’ और ‘लेडी चंगेज़ ख़ां’ भी कही जातीं. उनके दौर में जब ‘स्त्री विमर्श‘ साहित्य की कोई स्वतंत्र धारा नहीं थी [….]
फ़िल्म डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफ़र निकोलस प्रॅफेरे से कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के उनके विद्यार्थियों ने पूछा कि फ़िल्म मेकिंग के बारे उन्हें कौन सी किताब पढ़नी चाहिए? निकोलस का जवाब था – डियर थिओ. विन्सेंट वान गॉग के अपने भाई थिओ को लिखे ख़तों का यह संग्रह पढ़ने का मशविरा देने के पीछे उनका तर्क था [….]