बेशुमार किताबों की भीड़ में भी उस किताब का वजूद सबसे अलग मालूम होता था. चार रंगों वाली भीत के सामने एक बदन का ख़ाका. गहरे भूरे रंग के फीते वाली चुटिया. ऐन ऊपर राही मासूम रज़ा और नीचे की तरफ़ लिखा किताब का नाम—कारोबारे तमन्ना. [….]
एक कशमकश है कि अब इख़्तिताम पज़ीर हुआ चाहती है. एक द्वंद्व है जो विराम लिया चाहता है. एक प्रतिद्वंद्विता है जो अनिर्णित समाप्त हुआ चाहती है. दो प्रतिभाओं के बीच श्रेष्ठता का संघर्ष है अपने अंतिम परिणाम को प्राप्त किया चाहता है. [….]
उन्होंने अपने शहर तो छोड़ दिए थे, लेकिन वे उन्हें अपने साथ, एक ज़िम्मेदारी की तरह अपने कंधों पर उठाए हुए थे. अक्सर ऐसा ही होता है. शहर पीछे छूट जाने पर भी पीछे नहीं रहते; वे आपको और भी ज़्यादा जकड़ लेते हैं. जब पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक [….]
शनिवार की दोपहर न्यूयार्क के फ्लशिंग मीडोज के आर्थर ऐश एरीना में खेला गया 2026 के यूएस ओपन का महिला एकल फ़ाइनल अपने आप में कमाल का था. कमाल का इसलिए कि ये मैच योग्यता में एकदम समान दोनों नंबर एक लेकिन व्यक्तित्व में एकदम विपरीत [….]
नई दिल्ली | इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के कमला देवी सभागार में सोमवार की शाम को अरुंधति राय अपने पाठकों और प्रशंसकों से रूबरू हुईं. यह मौक़ा उनकी ताज़ा किताब ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ पर बातचीत का था. इस ख़ास मौक़े पर उन्होंने कहा, इस किताब में [….]
बरेली | प्रख्यात समाज विज्ञानी और भाषाविद् प्रो.जी.एन. देवी ने कहा कि एकाधिकारवादी सत्ताएँ और कृत्रिम स्मृति भाषा को मार रही हैं. भाषा से इंसानी समाज बना. भाषा के टूटने से समाज टूट रहा है, जिसे बचाने की चिंता हमें करनी होगी. [….]
अक्सर खेल केवल खेल के मैदान में ही नहीं खेले जाते बल्कि एक समानांतर खेल खिलाड़ियों के सीने में भी चल रहा होता है. कई बार फ़ुटबॉल जितनी पैरों से खेली जाती उतनी ही मनोभावों और उद्वेगों से भी खेली जाती है. ऐसे मैचों में खिलाड़ियों की स्किल के [….]
फीफा विश्व कप के पहले सेमीफ़ाइनल की बात करने से पहले समय को थोड़ा पीछे लिए चलते हैं और स्मृति बन चुके दो मैचों को एक बार फिर याद कर लेते हैं.
एक, बात 5 जून 2025 के यूएफा नेशंस लीग की है. इसका दूसरा सेमीफ़ाइनल फ्रांस [….]
फीफा विश्व कप के तीन रोमांचक दिन और बीते. चार संघर्षपूर्ण मुक़ाबले संपन्न हुए. और वो सब इतिहास का हिस्सा बना जो रात-रात भर जाग कर फ़ुटबॉल देखने के लिए चाहिए होता है. शानदार गोल. बेहतरीन बचाव. रणनीतिक चातुर्य. खिलाड़ियों का अद्भुत कौशल. [….]
जौनपुर | कवि, लेखक, चित्रकार, अनुवादक अजय कुमार के स्मृति दिवस पर हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम ‘राग जौनपुरी’ में शहर और दोस्तों ने उन्हें बड़ी आत्मीयता से याद किया. इस मौक़े पर उनकी किताब ‘राग जौनपुरी’ पर विशद बातचीत हुई, शाम [….]