प्रवीण की किताब ‘रंग सृजन’ उनकी रंग-यात्रा के तमाम पड़ावों और अनुभूतियों का गुलदस्ता है. किताब के दूसरे खंड में कुछ नाटकों की परिकल्पना और प्रस्तुति के बारे में उन्होंने विस्तार से लिखा है. इन्हीं में से एक ‘काग़ज़ के पक्षी’ की रचना के बारे में… [….]