टोक्यो ओलंपिक का तीसरा दिन. जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है, प्रतिद्वंद्विता कड़ी होती जा रही हैं, संघर्ष सघन होते जा रहे हैं, इमोशंस के रंग गाढ़े होते जा रहे हैं और निःसन्देह प्रतिद्वंद्विताओं से फूटे नवरस के सोतों की धार तीक्ष्ण होती जा रही है. [….]
दुनिया में खेल का सबसे बड़ा रंगमंच सज चुका है. उससे पर्दा उठ चुका है. आज से उगते सूरज की धरती पर 32वें ओलंपिक खेलों की शुरुआत हो चुकी है. जहां 33 खेलों की 339 स्पर्धाओं में 200 से ज़्यादा देशों के 11300 से भी ज़्यादा खिलाड़ी अपने हुनर, अपनी क़ाबिलियत और अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करने को कमर कस चुके हैं. [….]
बांदा | बुंदेलखंड के बकस्वाहा जंगल में हीरा खनन का मुद्दा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के बाद अब संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) पहुंच गया है. गुना के पर्यावरण कार्यकर्ता डा.पुष्पराग शर्मा ने 13 जुलाई को आईयूसीएन (इंटरनेशनल यूनियन फ़ॉर कंज़र्वेशन ऑफ़ नेचर) को एक याचिका भेजी है. [….]
स्टॉप वाच में 90 के ऊपर 04 मिनट और दर्शाए जाने के साथ ही रेफ़री ने खेल ख़त्म होने की आख़िरी लम्बी सीटी बजाई और अर्जेंटीना के टीवी पर उद्घोषक ने कहा – ‘अर्जेंटीना चैंपियन है, मेस्सी चैंपियन है’. इसी के साथ रियो डी जेनेरो के ऐतिहासिक ‘माराकाना स्टेडिया’ के मैदान में एक अद्भुत दृश्य नमूदार हो उठा. [….]
समय परिस्थितियों का सबसे बड़ा ‘स्वैपर’ होता है. वह इंसान के जीवन में भाग्य और परिस्थितियों को घड़ी के पेंडुलम की तरह पल-पल स्वैप करता रहता है. इसे ख़ुद खेलों को ‘स्वैप’ करने वाली विंबलडन की नई चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी से बेहतर और कौन जान सकता है ! उनकी जीत समय के स्वैप की बेमिसाल नज़ीर भी है. [….]