‘शऊर की दहलीज’ का मलयालम् में हुआ अनुवाद छपकर आ गया है. हिंदी के कथाकार-आलोचक डॉ.प्रेमकुमार की इस किताब का अनुवाद प्रो.बी.पी.मुहम्मद कुंज मेत्तर ने किया है. यह किताब उर्दू अदब के नौ नामचीन रचनाकारों के इंटरव्यू का संकलन है. [….]
नई दिल्ली | कथाकार-आलोचक शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी के चर्चित उपन्यास ‘क़ब्ज़े ज़माँ’ का हिंदी अनुवाद छप गया है. राजकमल प्रकाशन से छपा यह उपन्यास एक सिपाही की आपबीती के बहाने वर्तमान से शुरू होकर गुज़रे दो ज़मानों का हाल इतने दिलचस्प अन्दाज़ में बयान करता है कि एक ही कहानी में तीन ज़मानों की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक तस्वीर साफ़ उभर आती है. [….]
सौरव गांगुली स्वस्थ होकर घर लौट आए है. तो अब कुकिंग ऑयल के विज्ञापन के हवाले से सोशल मीडिया में नैतिकता और नसीहत का वह तूफ़ान भी थम गया, जिसके चलते पीआर कंपनी ने वह विज्ञापन रोक दिया था. कुछ बरस पहले युवराज जब बीमार हुए थे, उन दिनों वह लोगों को सक्रिय और फिट रखने वाले कैप्सूल का विज्ञापन कर रहे थे. [….]