जयपुर | नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के पहले शख़्स कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा ‘दियासलाई’ का लोकार्पण बृहस्पतिवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में होगा. [….]
लेखक संतोष सिंह और आदित्य अनमोल द्वारा अंग्रेज़ी में लिखी गई ‘दी जननायक कर्पूरी ठाकुर: वॉइस ऑफ़ दी वॉइसलेस’ एक प्रेरक जीवनी है, जो कर्पूरी ठाकुर की साधारण शुरुआत से लेकर एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित होने की यात्रा दर्ज करती है. यह किताब उनके समाजवादी आदर्शों, दूरदर्शी नीतियों और बिहार के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में [….]
बहुत सालों से यह सिलसिला जारी है. इन दोनों बच्चियों के जन्म से भी पहले से. अगर हम लोग शहर में हैं तो हमें शाम को साथ बैठना ही है. अरुण जी के घर पर रोज़ घंटे-दो घंटे एक दूसरे के घर परिवार की, दुख दर्द की बातें सुन लेना, सुना देना. चाय-पानी के साथ तरह- तरह की बहसों-चर्चाओं में उलझे रहना. बाद में धीरे-धीरे घर के अन्य लोग भी हमारी बैठकी में [….]
साल के आख़िरी हफ़्ते में पीछे मुड़कर देखने और गुज़रे दिनों का लेखा-जोखा मीडिया की पुरानी रवायत है, पिछले कुछ सालों से किताबें भी इसका हिस्सा बन गई हैं. इस बीत रहे साल में किताबों की हमारी दुनिया यक़ीनन समृद्ध हुई है, संवाद न्यूज़ के दफ़्तर की अलमारी में भी कई और नई किताबों को जगह मिली है. इसकी कोई ख़ास तरतीब तो नहीं है, और न ही [….]
हरियाणा के महेंद्रगढ़ ज़िले का मुख्यालय नारनौल. शहर से क़रीब सात किलोमीटर दूर ढोसी आश्रम. बरेली में बैठकर भी मेरे लिए अंदाज़ लगाना मुश्किल नहीं है कि नए साल की सुबह ढोसी की पहाड़ियों पर कितनी ख़ुशनुमा होगी. हो सकता है, कोहरा लपेटे जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में चोटी की ओर चढ़ती उन सर्पाकार सीढ़ियों पर कम लोग दिखें, लेकिन उनकी गर्मजोशी [….]