शिमला | लाहौल घाटी में हुई भारी बर्फ़बारी के बाद मनाली-लेह रास्ता फिर बंद हो गया. इस रास्ते पर आवाजाही एक दिन पहले ही बहाल हुई थी. अटल टनल होकर रोहतांग का रास्ता भी पर्यटकों और आम लोगों के लिए बंद करना पड़ा है. [….]
कुम्भ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला भर नहीं है, हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं-परम्पराओं का, उनकी आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा शाहकार भी है. इतना ही नहीं, इस जीवन के बाद पारलौकिक दुनिया के बारे में उनके भरोसे और धारणाओं के अतिरेक का प्रमाण भी है. [….]
इस इमारत के माथे पर लिखी इबारत से आप जान ही गए होंगे कि यह रनबीर सिंह पुरा रेलवे स्टेशन का अवशेष है. बोलचाल में जिसे आर.एस.पुरा कहते हैं, वह यही तो है. जम्मू ज़िले का वह शहर जिसे डोगरा राजवंश के शासक महाराजा रनबीर सिंह ने बसाया था. [….]
धारचूला | सीबीटीएस (क्लाइंबिंग बियाँड द समीट्स) की टीम ने माउंट अन्नपूर्णा का आरोहण पूरा कर लिया. भारतीय महिला पर्वतारोहियों का यह पहला दल एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल की अगुवाई में 16 अप्रैल को चोटी पर पहुंचा. [….]
शिमला | ताज़ा बर्फ़बारी के बाद मनाली-लेह का रास्ता फिर बंद हो गया है. बीआरओ और पुलिस के 48 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बारालाचा के बर्फ़ीले तूफ़ान में फंसे 788 सैलानियों को सुरक्षित निकाल लिया गया. [….]
इनटेक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फ़ॉर आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज) ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ख़ुदा बख़्श लाइब्रेरी की इमारत के सामने के हिस्से और कर्ज़न रीडिंग रूम को ध्वस्त होने से बचाने में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है. [….]
कानपुर। पंचायत चुनाव के लिए पहले चरण में सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड के कानपुर, हरदोई और महोबा ज़िले में 15 अप्रैल को मतदान होगा. बुधवार का दिन चुनाव की ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के चुनाव सामग्री हासिल करने और ड्यूटी की जगह रवाना होने का था. [….]
हरिद्वार | कल यानी 14 तारीख़ को बैसाखी के मौक़े पर शाही स्नान हरिद्वार कुम्भ का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. आकाशवाणी के देहरादून केंद्र को इस का आंखों देखा हाल प्रसारित करना है. आकाशवाणी की पूरी टीम आज शाम पहुंच चुकी है. [….]
कानपुर | तमाम के ज़िलों के ब्लॉक दफ़्तरों पर पंचायत चुनाव के लिए नामांकन कराने वालों का हुजूम मंगलवार को भी जुटा. कई दावेदार पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं, उनकी मुश्किलें और जिज्ञासाएं अलग और आरक्षण की वजह से उम्मीदवारी बदलने वालों की मुश्किले कुछ और. [….]
प्रयागराज | वह रात्रिकालीन कर्फ़्यू की आहट भरी शाम थी. जब यूनिवर्सिटी थिएटर के विद्यार्थियों ने स्वराज भवन में खुले परिसर में बिना किसी प्रचार के कोविड गाइडलाइंस के मानकों के अनुसार बमुश्किल 60 से 80 दर्शकों के सामने रेणु की तीन कहानियों के नाट्य रूपान्तरण का मंचन किया. [….]