दीमक लगे चार बांसों और पीछे की दीवार से सटाकर तने हुए नीले रंग के तिरपाल से पानी की कई मोटी धार उसके दोनों तरफ़ गिर कर नाली तक का सफ़र तेज़ी से पूरा कर रही हैं… बाएं हाथ पर बने मिट्टी के चूल्हे से हल्का धुआं उठ कर नीले आसमान पे भटक रहे बादलों-सा दिखता है…एल्युमिनियम की पतीली से [….]