वसंत मौसम में बदलाव की ऋतु है. शिशिर की विदाई का मौसम. ऋतु चक्र में फ़सलों के फूलने का और नई ऊर्जा के संचार का मौक़ा. पंचमी सरस्वती के पूजन का दिन है. ऋतुराज की शान में कितनी ही कविताएं और नज़्में रची गई हैं. यहाँ कुछ चुनींदा कविताएं, [….]
उनकी शायरी की सोहबत का एक फ़ैज़ तो यही है कि ‘उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है..’. फ़ैज़ सच्चे वतनपरस्त थे और दुनिया भर के जनसंघर्षों के साथ खड़े होने के हामी भी. साम्राज्यवादी ताकतों ने जब भी दीगर मुल्कों को साम्राज्यवादी नीतियों का निशाना बनाया, फ़ैज़ ने उन मुल्कों की हिमायत में अपनी आवाज़ उठाई. [….]