राहुल सांकृत्यायन के विपुल लेखन में फोटोग्राफी का ज़िक्र अलग-अलग तरह से बार-बार आया है, ख़ास तौर पर उनके यात्रा साहित्य में. वह फ़ोटोग्राफ़ी कौशल पर ज़ोर देते और यात्राओं में इसकी ज़रूरतों को रेखांकित करते. [….]
जबलपुर | क़रीब दस दिनों की थिएटर वर्कशॉप के दौरान तैयार हुए नाटक ‘युद्ध के विरुद्ध’ का मंचन नौ अप्रैल की शाम को शहीद स्मारक पर होगा. नृत्यांजलि कथक केंद्र और महाकौशल शहीद स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस नाटक में बर्तोल्त ब्रेख़्त, साहिर लुधियानवी, वीरेन डंगवाल, दिनकर कुमार, अच्युतानंद मिश्र, हनुमंत किशोर, ऊषा दशोरा, विवेक चतुर्वेदी और विहाग वैभव की कविताएं और धर्मवीर भारती के नाटक ‘अंधा युग’ का एक अंश भी शामिल है. [….]
आगरा | किसी के लिए भी ‘शीरोज़ हैंगआउट’ में दाख़िल होना गहरे दुःख और संत्रास का सबब होता है. महिलाओं के विरुद्ध होने वाली एसिड हिंसा के ख़िलाफ़, एक ख़ास उद्देश्य और विचार के प्रचार-प्रसार के लिए बना रेस्त्रां! आगरा में बसा यह यह ऐसा पड़ाव है जिसे ‘एसिड अटैक’ में ज़ख़्मी होने के बाद बच निकली बहादुर लड़कियां ख़ुद चलाती हैं. [….]
हाल में मैंने डायलिसिस की ख़ातिर फेशुला की सर्जरी कराई और बाएं हाथ में कलाई के ऊपर फेशुला बनवाया. फेशुला न सिर्फ़ असफल रहा बल्कि संक्रमण हो जाने से वहां सेप्टिक का नया संकट खड़ा हो गया. तब मेरे नेचुरोपैथ और गुरु डॉ० जेता सिंह ने मेरे गुर्दों के इलाज के लिए ‘ब्र्युअर्स यीस्ट’ की पहले से दी जा रही 40 टेबलेट्स प्रति दिन की ख़ुराक़ को बढ़ाकर तुरंत 100 टेबलेट्स कर देने को कहा. [….]