जीवन बहुत बार एक ही मौक़ा देता है. लेकिन कई बार क़िस्मत आप पर मेहरबान होती है और आपको दूसरा मौक़ा भी देती है. अब ये व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वो इन मौक़ों को किस तरह से लेता है. क़िस्मत ने चंद्रकांत पंडित को एक दूसरा मौक़ा दिया और इस बार उन्होंने चूक नहीं की. [….]