शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के बांग्ला उपन्यास ‘देबदास’ (1917) में पारो के किरदार का असली नाम पार्वती है. ये वो पार्वती है, जिसका प्यार परवान न चढ़ सका, उन चंद लम्हों के लिए भी नहीं, जब देवदास उसके घर के बाहर आख़िरी साँसें गिन रहा था. प्रेम और विरह के दर्द की अद्भुत कहानी तीन किरदारों की है – देवदास, उसके बचपन की दोस्त पारो [….]