प्रयागराज | जंगे-ए-आज़ादी के बारे में सोचते हुए संघर्ष की दो धाराएं समझ में आती हैं – एक क्रांतिकारी धारा और दूसरी उदारवादी और अहिंसात्मक धारा. क्रांतिकारी धारा का आशय समझते हुए अक्सर इसे हिंसा से जोड़कर देखा-समझा जाता हैं. [….]
जबलपुर | आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत ‘फ़ेस्टिवल ऑफ़ इंडिया’ विषय पर केंद्रित चित्रांजलि राष्ट्रीय फ़ोटोग्राफ़ी प्रतियोगिता में राष्ट्रीय पर्व विशेष पुरस्कार विवेक निगम को मिला है. विवेक दिल्ली में अमर उजाला के वरिष्ठ फ़ोटोग्राफ़र हैं. प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय, दक्षिण-मध्य सांस्कृतिक केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से किया गया. [….]
बिजनौर | राजपुर नवादा गाँव में पाँच कमरों और बड़े से आंगन वाली वह हवेली काफ़ी जीर्ण-शीर्ण दिखने लगी है. हवेली में दाख़िल होने के दो रास्ते हैं और इन्हीं में से एक के माथे पर लिखा ‘रामजानकी भवन’ वक़्त की मार से हालांकि अभी बचा रह गया है. सौ साल से ज़्यादा पुरानी यह हवेली दुष्यंत के पुरखों की है. यहीं वह जन्मे और उनका बचपन भी यहीं बीता. [….]
हत्या की एक घटना की पड़ताल में ‘जाजमऊ का टीला’ से जुड़े अद्भुत प्रसंगों से रूबरू होने का यह मौक़ा तब है, जब इस रहस्य से परदा उठ चुका है कि चंद्रवंशी राजा ययाति के रिश्ते वाले आख्यान से शुरू होकर अब यह भू-माफ़िया की साजिशों और ख़ूनी संघर्षों में तब्दील हो चुका है. हाक़िमों और पुरातत्व विभाग को छकाकर वे अपने ढंग से नए-नए क़िस्से गढ़ते रहे हैं. [….]