गोपेश्वर| आईटीबीपी के अफ़सरों ने आज चॉको को फूल-मालाओं के साथ विदा किया. फ़र्स्ट बटालियन में 11 साल की सर्विस के बाद चॉको आज रिटायर हो गई. [….]
गोपेश्वर | अपने खेतों में आख़िरी बार धान की रोपाई करने वाली महिलाएं इन मौक़े को यादगार बनाने के लिए जागर गा रही थीं, और गाते-गाते वे रो पड़ीं. [….]
कानपुर | राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जून को घर आ रहे हैं. उनकी अगवानी के लिए झींझक के रेलवे स्टेशन पर भी ख़ास तैयारियां की जा रही हैं. ख़ास रेलगाड़ी से आ रहे राष्ट्रपति झींझक स्टेशन पर रुककर 38 लोगों से मुलाक़ात करेंगे. झींझक कस्बे के ओम नगर मोहल्ले में रहने वाले उनके परिवार के लोग रहते हैं. [….]
बांदा | नरैनी में हुए ब्याह में दोना-कुल्हड़ या मउर-मंगलाचार कोई नवाचार नहीं, ऐसी परंपरा है, जिसे बिसार दिया गया है. और कुछ चेतना सम्पन्न लोग ऐसी परम्पराओं की ख़ूबियाँ याद दिलाकर उन्हें वापस अमल में लाने की कोशिश में लगे हैं. [….]
बिजनौर | एटी-वन यानी अमानगढ़ टाइगर-वन. दो बाघों की जान ले चुके एटी-वन का अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व में एकछत्र राज क़ायम हो गया है. अपने इलाक़े तक सीमित रहने के बजाय वह पूरे जंगल में घूमता है. अतिक्रमण की इस बेजा हरकत के बावजूद दूसरे बाघों ने उस पर कभी हमला नहीं किया. [….]
भिवानी | विजय कुमार ने आज वह कर दिखाया जो उनके गाँव के तीन सौ साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. उनके गाँव में अनुसूचित बिरादरी का कोई दूल्हा पहली बार घोड़ी चढ़ा है. [….]
बिलासपुर | शाहतलाई के किसानों की साइकिल हल की ईजाद उनकी ज़रूरतों और डीज़ल-पेट्रोल की बेतहाशा महंगाई का नतीजा है. और यह ईजाद फ़िलहाल तो उनके ख़ूब काम आ रही है. [….]
महोबा | पहाड़ों वाले शहर में एक उम्मीद आज टूट गई. अलखराम ने तय किया है कि अब वह तभी घोड़ी चढ़कर दुल्हन विदा कराएंगे, जब उनकी मंगेतर बालिग घोषित कर दी जाएगी. वर और कन्या पक्ष के लोगों की कई दौर की बातचीत के बाद यही तय हुआ. [….]
बरेली | दो दशकों से बंद पड़ी रबर फ़ैक्ट्री पिछले सवा साल से लोगों के बीच सनसनी बनी रही तो उसकी वजह शर्मीली ही थी. तमाम जतन के बाद वही शर्मीली शुक्रवार को वन विभाग के लोगों की पकड़ में आ गई. 11 फ़ीट की लंबाई और डेढ़ सौ वजन वाली इस बाघिन को पकड़ने की यह छठवीं कोशिश थी. [….]
महोबा | माधवगंज गाँव में अलखराम के ब्याह को लेकर शुरू हुई हलचलें अभी थमी नहीं है. अब ख़बर यह है कि अनुसूचित बिरादरी के अलखराम चाहें तो कल घोड़ी चढ़ सकते हैं. अफ़सरों के साथ ही गांव के लोग भी सहयोग करेंगे. [….]