नई दिल्ली | नौ दिनों तक चले विश्व पुस्तक मेला का इतवार को समापन हुआ. आख़िरी दिन मेले में ख़ूब भीड़भाड़ और गहमागहमी रही. राजकमल प्रकाशन के कार्यकारी निदेशक आमोद महेश्वरी ने बताया कि इस बार मेले में पिछली बार के मुक़ाबले किताबों की बिक्री बढ़ी है. [….]
प्रयागराज | दृश्यकला विभाग और केंद्रीय सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित स्व.शिक्षार्थी स्मृति आयोजन के दूसरे दिन प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट, साहित्यकार और पर्यावरणविद् आबिद सुरती ने विद्यार्थियों से संवाद किया. संवाद की शुरुआत में उन्होंने पानी से जुड़े अपने काम की विस्तृत [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेले में सैकड़ों किताबों और हज़ारों पाठकों के बीच कवि-जनगीतकार शैलेन्द्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित किताब ‘शैलेन्द्र…हर ज़ोर-ज़ुल्म की टक्कर में’ का विमोचन हुआ. ‘उद्भावना’ से छपी इस किताब का संपादन लेखक-पत्रकार ज़ाहिद ख़ान ने किया है. [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला आठवें दिन शनिवार को राजकमल प्रकाशन से छपी निर्मल वर्मा और गगन गिल की किताबों का लोकार्पण हुआ. इस मौक़े पर गगन गिल ने अपने जीवन से जुड़े कई आत्मीय संस्मरण साझा किए. कहा, “पिछले 18 सालों में मुझे कई लोगों के साथ काम [….]
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने पेटीएम के ज़रिये लेन-देन की मोहलत 15 और दिनों के लिए बढ़ा दी है. यह फ़ैसला ग्राहकों की सहूलियत के ख़्याल से लिया गया है. रिज़र्व बैंक ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेट्स बैंक (पीपीबीएल) को आदेश दिया था कि पेटीएम के ग्राहकों के खाते में [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला में शुक्रवार को राजकमल प्रकाशन के स्टॉल जलसाघर में विश्वनाथ त्रिपाठी की नई किताब के लोकार्पण के साथ उनका जन्मदिन मनाया गया. जलसाघर में उनकी नई आलोचनात्मक कृति ‘हरिशंकर परसाई : देश के इस दौर में’ और हरिशंकर परसाई के [….]
नई दिल्ली | साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित लेखक संजीव ने विश्व पुस्तक मेला में राजकमल प्रकाशन के मंच से यह घोषणा की है कि उनकी सभी किताबें अब राजकमल प्रकाशन से छपेंगी. उन्होंने कहा, “राजकमल पहले से हमारा प्रकाशक है. मेरे कई उपन्यास उन्होंने ही छापे [….]
उत्तरी केरल की कन्नूर पंचायत ने ज़िले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के पचास हज़ार से ज्यादा छात्रों की लिखी हुई एक हज़ार से ज़्यादा किताबें छापी हैं. ऐसा पहली बार देखा गया कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र इतनी सारी किताबें लिखने के साथ ही कवर डिज़ाइन, संपादन और इलस्ट्रेशन [….]
दुनिया भर में किसान अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. फ़सलों के लिए वाज़िब दाम और कर्ज़ से छुटकारा इनमें सबसे प्रमुख मांग है. पिछले साल जनवरी से अब तक दक्षिण अमेरिका के 67 फ़ीसदी देशों में किसानों ने कई वजहों से विरोध प्रदर्शन किए. इनमें बेहतर निर्यात [….]
नई दिल्ली | इतिहासकार एस.इरफ़ान हबीब ने अपनी संपादित किताब ‘भारतीय राष्ट्रवादः एक अनिवार्य पाठ’ पर बुधवार को हुई परिचर्चा में कहा, “देशभक्ति एक भावना है, जो हर समय हर व्यक्ति के लिए ज़रूरी है पर राष्ट्रवाद एक राजनीतिक अवधारणा है. कई बार हम देशभक्ति और राष्ट्रवाद [….]