वे दोनों ख़ुद को तांत्रिक कहते थे और वह डॉक्टर. उन दोनों ने जिन्न दिखाकर डॉक्टर को जादुई चिराग़ बेच दिया. ख़ुद को अलादीन मानते हुए डॉक्टर चिराग़ घिसते रहे और 31 लाख रुपये दे देने पर ख़ुद को कोसते रहे. जिन्न नहीं आया तो वह थाने आ गए. [….]
कला | जे. स्वामीनाथन
“विचारधारा और कला का सम्बन्ध कभी नहीं होता, जैसा कुछ मार्क्सवादी लोग मानते हैं. लेनिन का पोर्ट्रेट बना देने से कला प्रगतिवादी नहीं हो जाती. देखा जाए तो एज़रा पाउंड की सहानुभूति फ़ासिस्ट के साथ थी, लेकिन उसे कोई कैसे कहेगा कि वह एक महान कलाकार नहीं था. स्वयं तालस्तोय कहाँ के प्रगतिवादी थे! [….]
धब्बा, मिर्ज़ापुर और नोटिस | वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर 2’ की इस तस्वीर में कुलभूषण खरबंदा के हाथ में जो किताब है, वह सुरेंद्र मोहन पाठक का उपन्यास ‘धब्बा’ है. यहाँ तक तो ठीक मगर इस दृश्य में कुलभूषण खरबंदा के किरदार के हिस्से में उपन्यास के हवाले से जो संवाद हैं, सुरेंद्र मोहन पाठक को उस पर सख़्त एतराज है. [….]
नोबेल पुरस्कार समिति ने 2020 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी है. इस वर्ष यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी ‘वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम’ को दिया गया है.’वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ (डब्ल्यूएफ़पी) को भुखमरी से लड़ने के प्रयासों और संघर्ष वाले क्षेत्रों में शांति क़ायम करने में योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला. [….]