कटे पहाड़ों को देखते रहने से उपजी शर्म और जाम से जूझते हुए हम आगे बढ़े. आगे हमें ब्रह्मपुत्र पार करनी थी. पहले इसे पार करने के लिए लोहे का पुल था, मगर अब नया पुल बन गया है. बनावट में यह काफी-कुछ अयोध्या में सरयू पार करने के लिए बने पुल जैसा है [….]
हिंदी के सुपरिचित कथाकार शेखर जोशी का आज दोपहर को ग़ाजियाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 90 वर्ष के थे. सन् 1997 में उनको ‘पहल सम्मान’ दिए जाने की घोषणा के बाद 18 सितंबर को इलाहाबाद में प्रवीण से उनकी यह बातचीत पुरानी ज़रूर है, मगर उनकी रचनाधर्मिता और नज़रिये को समझने में मदद करती है. -सं. [….]