क्रिकेट खेल को सबसे ज्यादा अनिश्चितताओं का खेल कहा गया है कि जब तक आख़िरी बॉल न फेंक दी जाए तब तक कोई परिणाम तय नहीं समझना चाहिए. लेकिन इन दिनों रात-रात भर जागकर फ़ुटबॉल देखने वाले कहेंगे ये बात तो फ़ुटबॉल के खेल पर भी उतनी [….]
नई दिल्ली | इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल का 22वां संस्करण 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में होगा. इस दौरान दुनिया भर से आई अनूठी कठपुतलियों की प्रस्तुति होगी. यह फ़ेस्टिवल विभिन्न देशों के कलाकारों को एक मंच पर लाता है, जिससे बहुसांस्कृतिक संवाद और आदान-प्रदान के साथ-साथ विश्वस्तरीय [….]
मुझे यह भी नहीं मालूम
कि मैं कितनों को नहीं जानता.
शुक्ल जी से मैं कभी मिला नहीं, मुलाक़ात का कोई ज़रिया नहीं बना, कभी आमना-सामना भी नहीं हुआ. हाँ, दूर से उन्हें कई बार देखने-सुनने का मौक़ा मिला, उनका लिखा पढ़ता रहा, उनके बारे में ख़बरें देखता रहा. उन्हीं की कविता से ली गई पंक्ति से कहा जाए तो मैं सचमुच उनको नहीं जानता था. [….]
सत्रह दिसंबर की रात सूफ़ी परंपरा में मातम की नहीं, विसाल की रात है. मौलाना जलालुद्दीन रूमी के लिए मौत कोई अंत नहीं, बल्कि माशूक़ से मुलाक़ात थी. मेरे लिए रूमी को याद करना, उनके लिखे को पढ़ना, उसे सुनाना हर बार नए शब्दों में लिखना—अपने दिल पे पड़े बोझ को हल्का करने जैसा होता है. रूमी की ज़िंदगी, इश्क़ का उनका फ़लसफ़ा, [….]