नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला में शुक्रवार को राजकमल प्रकाशन के स्टॉल जलसाघर में विश्वनाथ त्रिपाठी की नई किताब के लोकार्पण के साथ उनका जन्मदिन मनाया गया. जलसाघर में उनकी नई आलोचनात्मक कृति ‘हरिशंकर परसाई : देश के इस दौर में’ और हरिशंकर परसाई के [….]
नई दिल्ली | साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित लेखक संजीव ने विश्व पुस्तक मेला में राजकमल प्रकाशन के मंच से यह घोषणा की है कि उनकी सभी किताबें अब राजकमल प्रकाशन से छपेंगी. उन्होंने कहा, “राजकमल पहले से हमारा प्रकाशक है. मेरे कई उपन्यास उन्होंने ही छापे [….]
उत्तरी केरल की कन्नूर पंचायत ने ज़िले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के पचास हज़ार से ज्यादा छात्रों की लिखी हुई एक हज़ार से ज़्यादा किताबें छापी हैं. ऐसा पहली बार देखा गया कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र इतनी सारी किताबें लिखने के साथ ही कवर डिज़ाइन, संपादन और इलस्ट्रेशन [….]
दुनिया भर में किसान अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. फ़सलों के लिए वाज़िब दाम और कर्ज़ से छुटकारा इनमें सबसे प्रमुख मांग है. पिछले साल जनवरी से अब तक दक्षिण अमेरिका के 67 फ़ीसदी देशों में किसानों ने कई वजहों से विरोध प्रदर्शन किए. इनमें बेहतर निर्यात [….]
नई दिल्ली | इतिहासकार एस.इरफ़ान हबीब ने अपनी संपादित किताब ‘भारतीय राष्ट्रवादः एक अनिवार्य पाठ’ पर बुधवार को हुई परिचर्चा में कहा, “देशभक्ति एक भावना है, जो हर समय हर व्यक्ति के लिए ज़रूरी है पर राष्ट्रवाद एक राजनीतिक अवधारणा है. कई बार हम देशभक्ति और राष्ट्रवाद [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला के चौथे दिन राजकमल प्रकाशन के स्टॉल जलसाघर में शहादत के कहानी संग्रह ‘कर्फ़्यू की रात’; मृणाल पांडे की किताब ‘हिन्दी पत्रकारिता : एक यात्रा’ और सुजाता पारमिता की किताब ‘मानसे की जात’ का लोकार्पण हुआ. हेमन्त देवलेकर के कविता [….]
न्यूनतम समर्थन गारंटी क़ानून और कर्ज़ माफ़ी सहित बारह मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पंजाब के किसान सरकार से बातचीत विफल होने के बाद मंगलवार को सवेरे दिल्ली की ओर रवाना हो गए. पंजाब के अलग-अलग इलाक़ों से निकले किसानों को हरियाणा की सीमा पर रोक [….]
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) भुवनेश्वर उद्यमशीलता की पारिस्थितिकी को नए रूप में परिभाषित करने की योजना बना रहा है. इसके तहत 2036 तक 100-100 करोड़ की लागत वाले 100 स्टार्ट-अप शुरू कराए जाएंगे. 2036 ओडिशा के गठन का शताब्दी वर्ष भी है. [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला में राजकमल प्रकाशन के स्टॉल ‘जलसाघर’ में वरिष्ठ कथाकार मैत्रेयी पुष्पा के साथ संवाद से सोमवार के कार्यक्रम शुरू हुए. सॉनेट मंडल के कविता संग्रह ‘लौटती दोपहरें’; नासिरा शर्मा के कहानी संग्रह ‘सुनहरी उंगलियाँ’; अदनान कफ़ील दरवेश के कविता [….]
नई दिल्ली | विश्व पुस्तक मेला में इतवार को राजकमल प्रकाशन समूह के स्टॉल जलसाघर में ‘भविष्य के पाठक’ विषय पर परिचर्चा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. प्रज्ञा के उपन्यास ‘काँधों पर घर’ और अंकिता आनंद के कविता संग्रह ‘अब मेरी बारी’ का लोकार्पण हुआ. [….]