बरेली के सूदनपुर गांव की रामलीला में उस रोज़ राम-केवट संवाद का मंचन हुआ था. रात को सवा बजे तक चली रामलीला, उसके कलाकारों और इतर प्रसंगों के बारे में आप पहले पढ़ चुके हैं. लंबे रिपोर्ताज का यह दूसरा हिस्सा है. -सं [….]
अलीगंज क़स्बे का सूदनपुर गांव वैसा ही है, जैसे कि उत्तर भारत के दूसरे गांव – ईंट के मकान, ईंट का खड़ंजा (कहीं-कहीं आरसीसी सड़क भी) और ट्रैक्टरों की होड़ में बचे रहे थोड़े-बहुत मवेशी, गलियों में खेलते-दौड़ते बच्चे, कहीं घर के बाहर निर्विचार चेहरे वाली बुजुर्ग औरतों की महफ़िल तो कहीं बीड़ी का धुंआ उड़ाते ज़ोर-ज़ोर से बतियाते लोग. [….]