(बरेली में 24 से 31 जनवरी तक चले विंडरमेयर रंग-साहित्य उत्सव के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो.पुरुषोत्तम अग्रवाल ने रंगमंच की भारतीय परंपरा की ख़ूबियों को रेखांकित करते हुए अपने अनुभवों के हवाले से नाटक के सजग दर्शकों पर होने वाले असर पर भी बात [….]