(गुफ़्तगूः सरहदों के आर-पार ऐसी किताब है, कथाकार प्रेम कुमार ने जिसमें भारत और पाकिस्तान के अदीबों से अपने साक्षात्कार संजोये हैं. अनौपचारिक साक्षात्कार की उनकी शैली बातचीत से आगे शख़्सियत और उस दौरान की मनःस्थिति का ख़ाका भी है. इनमें से कुछ साक्षात्कार हम पहले छाप भी चुके हैं. इसी श्रृंखला में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की बड़ी बेटी सलीमा हाशमी [….]