(वरिष्ठ साहित्यकार से.रा.यात्री का शुक्रवार की सुबह निधन हो गया. 91 वर्ष के यात्री जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. तक़रीबन 18 कहानी संग्रह, 33 उपन्यास, दो व्यंग्य संग्रह और संस्मरण लिखकर उन्होंने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया. [….]
महाकवि के रूप में विख्यात जयशंकर प्रसाद का हिन्दी नाट्य-जगत और कथा-साहित्य में भी विशिष्ट स्थान है. प्रसाद की कहानियों में हमें न सिर्फ़ भारतीय दर्शन की सुखवादी मूल्य-मान्यताओं की अनुगूँज सुनाई देती हैं, बल्कि ये हमें सामाजिक यथार्थ के तमाम अप्रिय स्तरों तक ले जाती हैं. प्रसाद के लिए साहित्य की रचना [….]
फ़िल्म की शुरुआत होती है 1999 से, जहाँ पस-ए-मंज़र में कारगिल की जंग है, और मिर्ज़ा ग़ालिब के नाम से मशहूर उस शे’र से कि ‘ऐ बुरे वक़्त ज़रा अदब से पेश आ, क्यूंकि वक़्त लगता नहीं वक़्त बदलने में’, जहाँ पाकिस्तानी एजेंट ज़ोया के बचपन का वक़्त है अपने पिता नज़र साहब के साथ. इस शे’र को सुनते हुए सलमान की हालिया फ़िल्मों का हस्र भी याद कर सकते हैं. [….]