हिंदुस्तानियों की ज़िंदगी और स्मृति में रेलगाड़ी तरह-तरह की अनुभूतियों के साथ दर्ज है. तभी तो अपनी शुरुआत से अब कितने ही लेखकों-कवियों, चित्रकारों- फ़िल्मकारों की कल्पना और काम की प्रेरणा रही है. हिंदुस्तान के तमाम अंचलों में प्रचलित बेशुमार लोकगीतों और फ़िल्मी गीतों में उसे जगह मिली है. [….]
किताब
अपना मुल्क