गोरखपुर टेराकोटा को जी.आई. (भौगोलिक संकेतक) टैग मिलने से यहां के मशहूर टेराकोटा शिल्प और शिल्पियों को नई पहचान मिल गई है. औरंगाबाद गांव के शिल्पियों की संस्था लक्ष्मी टेराकोटा मूर्ति कला केंद्र ने दो साल पहले जी.आई. टैग के लिए आवेदन किया था. चेन्नई में जी.आई. दफ़्तर ने जिन दो उत्पादों को जी.आई. टैग दिया है, उसमें गोरखपुर टेराकोटा के साथ ही मणिपुर का काला चावल चक-हाओ भी शामिल है. [….]
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