लखनऊ | किताब उत्सव के चौथे दिन आज भगवतीचरण वर्मा के कृतित्व और उनके व्यक्तित्व को बड़ी आत्मीयता से याद किया गया. अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सभागार में जुटे साहित्य अनुरागियों के बीच आलोचक वीरेंद्र यादव, संस्कृतिकर्मी राकेश, रंगकर्मी गोपाल सिन्हा और भगवती चरण वर्मा के पौत्र और [….]
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